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विवाह संबंधी पूजा

विवाह बाधा निवारण पूजा

विवाह बाधा निवारण

3-5 Hrs · लाइव स्ट्रीम्ड

यह पूजन क्यों आवश्यक है

  • विवाह में बार-बार देरी या रिश्ता टूटना
  • कुंडली में सप्तम भाव कमज़ोर होना
  • गुण मिलान में बार-बार समस्या

लाभ

  • विवाह में आ रही रुकावट दूर होना
  • सही रिश्ता मिलने की संभावना
  • दांपत्य जीवन में सद्भाव

विवाह बाधा क्या है?

जब कुंडली के सप्तम भाव (विवाह-भाव) में पाप-ग्रह का प्रभाव हो या उस भाव का स्वामी कमज़ोर हो, तो विवाह में बार-बार देरी, रिश्ता टूटना या गलत रिश्तों का आना देखा जाता है।

पूजा क्यों करनी चाहिए?

जब कुंडली विश्लेषण में विवाह-बाधा की पुष्टि हो, तब इस पूजा से सप्तम भाव की शांति एवं शुभ ग्रह-योग बनाने की कोशिश की जाती है।

पूजा विधि

सप्तम भाव शांति मंत्र जाप, हवन एवं संबंधित ग्रह-शांति विधि इस पूजा का हिस्सा है। संकल्प यजमान के नाम-गोत्र में लिया जाता है।

मंत्र

शुक्र एवं गुरु ग्रह शांति मंत्र, साथ में विवाह-बाधा निवारण स्तोत्र का पाठ किया जाता है।

सामग्री

  • हवन समिधा, घी
  • शुक्र-गुरु शांति सामग्री
  • विवाह-योग यंत्र (जहाँ सलाह दी जाए)

लाभ

  • विवाह में आ रही रुकावट में कमी
  • सही रिश्ते की संभावना
  • गुण मिलान में सुधार

पूजा कब करनी चाहिए?

कुंडली देखकर शुभ तिथि तय की जाती है — शुक्रवार या गुरु-पुष्य योग इस पूजा के लिए विशेष शुभ माने जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यह पूजा सिर्फ लड़की/लड़के के लिए अलग होती है?

नहीं, दोनों के लिए समान विधि होती है — संकल्प उस व्यक्ति के नाम-गोत्र में लिया जाता है जिसके लिए पूजा हो रही है।

पूजन बुकिंग

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