यह पूजन क्यों आवश्यक है
- शक्ति एवं सुरक्षा की कामना
- नकारात्मक शक्ति से रक्षा
- नवरात्रि में विशेष साधना
लाभ
- देवी दुर्गा का आशीर्वाद
- शत्रु एवं बाधा से रक्षा
- शक्ति एवं आत्मविश्वास
दुर्गा / देवी पूजा
दुर्गा सप्तशती
दुर्गा सप्तशती (चंडी पाठ) 700 श्लोकों का एक पाठ है जो देवी दुर्गा की शक्ति एवं उनके असुरों पर विजय का वर्णन करता है। इसे रक्षा, शक्ति एवं नकारात्मकता से मुक्ति के लिए पढ़ा जाता है।
जब जीवन में बार-बार बाधा, शत्रु-भय या नकारात्मक ऊर्जा का सामना हो, तब दुर्गा सप्तशती पाठ शक्ति एवं सुरक्षा के लिए सलाह दिया जाता है।
कलश स्थापना एवं देवी आवाहन के बाद सप्तशती के सात शतक (अध्यायों) का पाठ किया जाता है, उसके बाद हवन एवं पूर्णाहुति होती है।
देवी कवच, अर्गला स्तोत्र एवं सप्तशती के मूल मंत्रों का पाठ किया जाता है।
नवरात्रि के नौ दिनों में यह पाठ विशेष शुभ माना जाता है, लेकिन किसी भी शुभ तिथि पर करवाया जा सकता है।
हाँ, एक अनुभवी पंडित द्वारा एक दिन में भी संपूर्ण पाठ किया जा सकता है, या नवरात्रि में नौ दिनों तक विस्तारित रूप से।
पूजन बुकिंग
नीचे अपना विवरण भरें। एक कार्य दिवस के भीतर उपयुक्त मुहूर्त, सामग्री सूची एवं लिखित दक्षिणा के साथ उत्तर मिलेगा।