यह पूजन क्यों आवश्यक है
- शिव कृपा एवं मानसिक शांति की चाहत
- रोग, भय या नकारात्मकता से मुक्ति
- किसी भी शुभ कार्य से पहले
लाभ
- भगवान शिव का आशीर्वाद
- मानसिक शांति एवं स्थिरता
- नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा
शिव पूजा एवं रुद्राभिषेक
रुद्राभिषेक
रुद्राभिषेक, भगवान शिव के रुद्र-स्वरूप का अभिषेक है, जिसमें शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद एवं गंगा-जल से अभिषेक किया जाता है, साथ में रुद्र मंत्रों का पाठ होता है।
मानसिक अशांति, स्वास्थ्य समस्या, भय या किसी भी तरह के अशुभ ग्रह-प्रभाव में रुद्राभिषेक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा के लिए सलाह दिया जाता है।
लघु रुद्राभिषेक (एक आवृत्ति) या महा रुद्राभिषेक (11 या 108 आवृत्ति) की जा सकती है, यह समय एवं उद्देश्य के अनुसार तय होता है। संकल्प के बाद क्रम से अभिषेक द्रव्यों से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है।
रुद्री पाठ एवं महामृत्युंजय मंत्र इस अभिषेक का मुख्य हिस्सा होते हैं।
सोमवार, प्रदोष तिथि या शिवरात्रि पर यह अभिषेक विशेष फलदायी माना जाता है।
लघु रुद्राभिषेक में एक आवृत्ति होती है, जबकि महा रुद्राभिषेक में 11 या 108 आवृत्ति के साथ अधिक विस्तृत विधि होती है।
हाँ, लेकिन सोमवार या प्रदोष तिथि पर इसे विशेष शुभ माना जाता है।
पूजन बुकिंग
नीचे अपना विवरण भरें। एक कार्य दिवस के भीतर उपयुक्त मुहूर्त, सामग्री सूची एवं लिखित दक्षिणा के साथ उत्तर मिलेगा।