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शिव पूजा एवं रुद्राभिषेक

रुद्राभिषेक पूजा

रुद्राभिषेक

2-3 Hrs · लाइव स्ट्रीम्ड

यह पूजन क्यों आवश्यक है

  • शिव कृपा एवं मानसिक शांति की चाहत
  • रोग, भय या नकारात्मकता से मुक्ति
  • किसी भी शुभ कार्य से पहले

लाभ

  • भगवान शिव का आशीर्वाद
  • मानसिक शांति एवं स्थिरता
  • नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा

रुद्राभिषेक क्या है?

रुद्राभिषेक, भगवान शिव के रुद्र-स्वरूप का अभिषेक है, जिसमें शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद एवं गंगा-जल से अभिषेक किया जाता है, साथ में रुद्र मंत्रों का पाठ होता है।

रुद्राभिषेक क्यों करवाना चाहिए?

मानसिक अशांति, स्वास्थ्य समस्या, भय या किसी भी तरह के अशुभ ग्रह-प्रभाव में रुद्राभिषेक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा के लिए सलाह दिया जाता है।

पूजा विधि

लघु रुद्राभिषेक (एक आवृत्ति) या महा रुद्राभिषेक (11 या 108 आवृत्ति) की जा सकती है, यह समय एवं उद्देश्य के अनुसार तय होता है। संकल्प के बाद क्रम से अभिषेक द्रव्यों से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है।

मंत्र

रुद्री पाठ एवं महामृत्युंजय मंत्र इस अभिषेक का मुख्य हिस्सा होते हैं।

सामग्री

  • जल, दूध, दही, घी, शहद, गंगा-जल
  • बिल्व पत्र, धतूरा, आक के फूल
  • रुद्राक्ष एवं भस्म

लाभ

  • मानसिक शांति एवं स्थिरता
  • स्वास्थ्य-लाभ में सहायक
  • शुभ कार्यों में सफलता

रुद्राभिषेक कब करनी चाहिए?

सोमवार, प्रदोष तिथि या शिवरात्रि पर यह अभिषेक विशेष फलदायी माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लघु एवं महा रुद्राभिषेक में क्या अंतर है?

लघु रुद्राभिषेक में एक आवृत्ति होती है, जबकि महा रुद्राभिषेक में 11 या 108 आवृत्ति के साथ अधिक विस्तृत विधि होती है।

क्या यह पूजा किसी भी दिन करवायी जा सकती है?

हाँ, लेकिन सोमवार या प्रदोष तिथि पर इसे विशेष शुभ माना जाता है।

पूजन बुकिंग

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