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भैरव अनुष्ठान

बटुक भैरव अनुष्ठान

बटुक भैरव अनुष्ठान

बटुक भैरव अनुष्ठान

1 Night · Datia Peeth · लाइव स्ट्रीम्ड

यह पूजन क्यों आवश्यक है

  • घर में बार-बार अशांति या भय
  • बुरी शक्तियों का प्रभाव
  • अचानक आने वाली समस्याएं

लाभ

  • भय एवं नकारात्मक शक्ति से रक्षा
  • घर में शांति एवं स्थिरता
  • आध्यात्मिक सुरक्षा कवच

बटुक भैरव अनुष्ठान क्या है?

बटुक भैरव, भगवान शिव का बाल-स्वरूप माना जाता है एवं उन्हें रक्षा, निर्भयता एवं अधर्म का नाश करने वाला देवता माना जाता है। बटुक भैरव अनुष्ठान भय निवारण, negative energy से रक्षा एवं आध्यात्मिक बलिदान के लिए किया जाता है।

अनुष्ठान क्यों करनी चाहिए?

जब घर में बार-बार अशांति, भय, बुरी शक्तियों का प्रभाव या अचानक समस्याएं आ रही हों, तब बटुक भैरव की आराधना सहायक मानी जाती है।

अनुष्ठान विधि

संकल्प के बाद बटुक भैरव की पूजा, मंत्र जाप एवं हवन किया जाता है। अनुष्ठान में काल-भैरव अष्टक का पाठ भी शामिल किया जा सकता है।

मंत्र

बटुक भैरव मूल मंत्र का जाप निर्धारित संख्या में किया जाता है।

सामग्री

  • काले तिल, सरसों तेल
  • हवन समिधा
  • काल भैरव यंत्र (जहाँ सलाह दी जाए)

लाभ

  • भय एवं नकारात्मक शक्ति से रक्षा
  • घर में शांति एवं स्थिरता
  • आध्यात्मिक सुरक्षा कवच

अनुष्ठान कब करनी चाहिए?

रविवार या भैरव अष्टमी के दिन यह अनुष्ठान विशेष शुभ माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यह अनुष्ठान घर की शांति के लिए है?

हाँ, मुख्य रूप से यह अनुष्ठान भय निवारण एवं घर में शांति-स्थिरता के लिए किया जाता है।

पूजन बुकिंग

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