यह पूजन क्यों आवश्यक है
- घर में बार-बार अशांति या भय
- बुरी शक्तियों का प्रभाव
- अचानक आने वाली समस्याएं
लाभ
- भय एवं नकारात्मक शक्ति से रक्षा
- घर में शांति एवं स्थिरता
- आध्यात्मिक सुरक्षा कवच
भैरव अनुष्ठान
बटुक भैरव अनुष्ठान
बटुक भैरव, भगवान शिव का बाल-स्वरूप माना जाता है एवं उन्हें रक्षा, निर्भयता एवं अधर्म का नाश करने वाला देवता माना जाता है। बटुक भैरव अनुष्ठान भय निवारण, negative energy से रक्षा एवं आध्यात्मिक बलिदान के लिए किया जाता है।
जब घर में बार-बार अशांति, भय, बुरी शक्तियों का प्रभाव या अचानक समस्याएं आ रही हों, तब बटुक भैरव की आराधना सहायक मानी जाती है।
संकल्प के बाद बटुक भैरव की पूजा, मंत्र जाप एवं हवन किया जाता है। अनुष्ठान में काल-भैरव अष्टक का पाठ भी शामिल किया जा सकता है।
बटुक भैरव मूल मंत्र का जाप निर्धारित संख्या में किया जाता है।
रविवार या भैरव अष्टमी के दिन यह अनुष्ठान विशेष शुभ माना जाता है।
हाँ, मुख्य रूप से यह अनुष्ठान भय निवारण एवं घर में शांति-स्थिरता के लिए किया जाता है।
पूजन बुकिंग
नीचे अपना विवरण भरें। एक कार्य दिवस के भीतर उपयुक्त मुहूर्त, सामग्री सूची एवं लिखित दक्षिणा के साथ उत्तर मिलेगा।